कश्मीर किसानो के लिए बड़ा तोहफा दिल्ली तक पहली पार्सल कार्गो ट्रेन उपराज्यपाल ने दिखाई हरी झंडी

First Cargo Parcel

भारतीय रेलवे ने 13 सितम्बर 2025 से बडगाम (कश्मीर घाटी) से आदर्श नगर (दिल्ली) के बीच एक रोज़ाना पार्सल ट्रेन सेवा शुरू की है। यह सेवा कश्मीर के सेब उत्पादकों और व्यापारियों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है, क्योंकि अब उनकी उपज दिल्ली के बाज़ारों तक जल्दी और सुरक्षित पहुँचेगी।

यह ट्रेन क्यों ज़रूरी है?

कश्मीर की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा सेब की खेती पर आधारित है। लेकिन अब तक सबसे बड़ी समस्या थी परिवहन।श्रीनगर–जम्मू हाईवे अक्सर भूस्खलन, बर्फबारी और ट्रैफिक जाम से बाधित रहता है। इससे फलों की सप्लाई लेट होती थी और किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता था।

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नई पार्सल ट्रेन से:

  • सेब और अन्य उपज 24 घंटे में दिल्ली पहुँचेगी।
  • खराब होने की संभावना बहुत कम होगी।
  • किसानों और व्यापारियों को बेहतर दाम मिलेंगे।
  • ट्रेन का समय व डिलीवरी अवधि
  • प्रस्थान (Departure): सुबह 6:15 बजे, बडगाम (BDGM)
  • आगमन (Arrival): अगले दिन सुबह 5:00 बजे, आदर्श नगर (ANDI), दिल्ली कुल डिलीवरी समय: लगभग 23–24 घंटे यानी अब यह सेवा बनेगी ओवरनाइट ट्रांसपोर्ट का भरोसेमंद विकल्प।

पार्सल ट्रेन की प्रमुख बातें

  • शुरुआत की तारीख – 13 सितम्बर 2025
  • रूट – बडगाम (कश्मीर) → आदर्श नगर (दिल्ली)
  • फ्रीक्वेंसी – रोज़ाना
  • क्षमता – 8 पार्सल वैन + 1 ब्रेक वैन
  • भाड़ा – ₹2.41 प्रति किलो (बडगाम से दिल्ली)
  • डिलीवरी समय – 24 घंटे

कश्मीर की बागवानी को लाभ

• सुरक्षित और तेज़ ट्रांसपोर्ट – ताज़े सेब सीधे दिल्ली पहुँचेंगे।

•  सस्ता भाड़ा – ₹2.41 प्रति किलो की दर से किफायती परिवहन।

•  छोटे किसानों को सहारा – छोटे व्यापारी भी पार्सल स्पेस बुक कर पाएंगे।

•  बाज़ार का विस्तार – दिल्ली तक सीधी पहुँच, बेहतर दाम।

First Cargo Parcel

बड़ा असर

यह पहल सिर्फ एक ट्रेन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने की बड़ी कोशिश है। भविष्य में अन्य फसलों और क्षेत्रों के लिए भी इस तरह की सेवाएँ शुरू हो सकती हैं।

निष्कर्ष

बडगाम–दिल्ली पार्सल ट्रेन कश्मीर के किसानों के लिए एक गेम-चेंजर है। यह सेवा समय पर डिलीवरी, कम नुकसान और बेहतर आमदनी का वादा करती है।

अब दिल्लीवासियों तक ताज़े कश्मीरी सेब पहुँचेंगे और किसानों को मिलेगा उनका असली मूल्य। यह ट्रेन सिर्फ़ एक सेवा नहीं, बल्कि कश्मीर की अर्थव्यवस्था के लिए नई जीवनरेखा है।