Foreign Currency Settlement System: भारत ने GIFT सिटी के ज़रिए विदेशी मुद्रा सेटलमेंट सिस्टम शुरू किया भारत ने ग्लोबल फाइनेंस की दुनिया में एक और बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने GIFT सिटी (गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी) के ज़रिए एक विदेशी मुद्रा सेटलमेंट सिस्टम (Foreign Currency Settlement System) शुरू किया है।
इस नई व्यवस्था से अब भारत और दुनिया भर की कंपनियों के लिए विदेशी मुद्रा (Forex) लेन-देन करना पहले से ज़्यादा तेज़, आसान और सस्ता होगा।
GIFT सिटी क्या है?
GIFT सिटी गुजरात के गांधीनगर में स्थित भारत का पहला अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (IFSC) है।
यह एक तरह का “मिनी फाइनेंशियल हब” है, जहाँ वैश्विक बैंक और कंपनियाँ अमेरिकी डॉलर (USD), पाउंड (GBP) या यूरो (EUR) जैसी विदेशी मुद्राओं में लेन-देन कर सकती हैं — वो भी टैक्स और रेगुलेशन में ढील के साथ।
नया सेटलमेंट सिस्टम क्या है?
अब भारत में ही विदेशी मुद्रा (जैसे USD) में लेन-देन को सीधे सेटल किया जा सकेगा, बिना लंदन या न्यूयॉर्क जैसे विदेशी केंद्रों से होकर गुज़रे।
स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक (Standard Chartered India) इस सिस्टम के तहत अमेरिकी डॉलर क्लियरेंस शुरू करने वाला पहला बैंक बन गया है।
इसका मतलब यह है कि अब भारतीय कंपनियाँ अपने USD पेमेंट्स को जल्दी और कम खर्च में निपटा सकेंगी।
Smt @nsitharaman launched the Foreign Currency Settlement System (FCSS) of GIFT IFSC during the Global Fintech Fest 2025 (@GffFintechfest) in Mumbai, Maharashtra.
— Nirmala Sitharaman Office (@nsitharamanoffc) October 7, 2025
The FCSS will serve as a payment system within IFSC, designed to settle transactions in foreign currencies on a… pic.twitter.com/33WuzZyzEI
यह कदम क्यों महत्वपूर्ण है
पहले, विदेशी मुद्रा लेन-देन को विदेशी बैंकों से होकर गुजरना पड़ता था, जिससे:
ज़्यादा शुल्क लगता था
समय ज़्यादा लगता था
भारत को विदेशी सिस्टम पर निर्भर रहना पड़ता था
अब इस नई व्यवस्था के बाद:
– सेटलमेंट तेज़ और पारदर्शी होंगे ट्रांज़ैक्शन लागत घटेगी
-भारत की फॉरेक्स मार्केट में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी
– बिज़नेस और बैंकों को क्या फायदा होगा
तेज़ लेन-देन: रीयल-टाइम या उसी दिन भुगतान संभव
कम शुल्क: विदेशी बैंकों के अतिरिक्त चार्ज से राहत
ग्लोबल कनेक्शन: भारत वैश्विक निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक बनेगा
GIFT सिटी को बढ़ावा: इसे सिंगापुर और दुबई जैसे फाइनेंशियल हब की श्रेणी में लाने का मौका
सरकार का लक्ष्य
इस पहल के ज़रिए सरकार का मकसद है:
GIFT सिटी को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्र के रूप में मजबूत बनाना
भारत को वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार (forex market) में अग्रणी बनाना
विदेशी वित्तीय प्रणालियों पर निर्भरता कम करना
अंतिम विचार
GIFT सिटी के ज़रिए विदेशी मुद्रा सेटलमेंट सिस्टम की शुरुआत भारत के वित्तीय सुधारों में एक ऐतिहासिक कदम है।
यह न केवल व्यवसायों को फायदा देगा बल्कि भारत को एक वैश्विक वित्तीय केंद्र (global financial hub) बनने के रास्ते पर आगे ले जाएगा।
स्टैंडर्ड चार्टर्ड इंडिया जैसे बैंकों की भागीदारी से यह पहल भारत की वित्तीय ताकत को और मजबूत करेगी।
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