छात्रों के लिए खुशखबरी – अप्रेंटिसशिप स्टायपेंड अब मिलेंगे 10 हजार से ज्यादा Apprenticeship Stipend Hike

Apprenticeship Stipend Hike

भारत सरकार ने हाल ही में अप्रेंटिसशिप नियमों में संशोधन किया है, ताकि युवाओं के लिए स्किल ट्रेनिंग और आकर्षक बने और नियोक्ताओं (कंपनियों) के लिए भी यह प्रक्रिया आसान व न्यायसंगत हो। इन बदलावों का उद्देश्य है – युवाओं को बेहतर आर्थिक सहयोग देना, सभी को शामिल करना और उद्योग की नई ज़रूरतों के अनुसार नियमों को अपडेट करना।

अप्रेंटिसशिप नियम क्या हैं?

Apprenticeship Rule अप्रेंटिस एक्ट, 1961 का हिस्सा हैं। इसके तहत विद्यार्थी और नौकरी तलाशने वाले लोग कंपनियों के साथ मिलकर प्रैक्टिकल ट्रेनिंग लेते हैं।

Apprenticeship

इन नियमों से तय होता है: अप्रेंटिस को हर महीने कितना स्टाइपेंड (भत्ता/भुगतान) मिलेगा। पात्रता (क्वालिफिकेशन) क्या होगी। किसी कंपनी को कितने अप्रेंटिस रखने चाहिए। अप्रेंटिस और नियोक्ता (एम्प्लॉयर) दोनों के अधिकार और जिम्मेदारियाँ।

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2025 में क्या बदला?

1. स्टाइपेंड में बढ़ोतरी सबसे बड़ा बदलाव स्टाइपेंड में हुआ है। पहले अप्रेंटिस को करीब ₹5,000–₹9,000 प्रति माह मिलता था।

अब नया स्टाइपेंड होगा: ₹6,800 – ₹12,300 प्रति माह (क्वालिफिकेशन के अनुसार)। ग्रेजुएट/डिग्री वाले अप्रेंटिस को सबसे ज्यादा स्टाइपेंड मिलेगा।कुछ श्रेणियों में यह 81% तक की बढ़ोतरी है।

2. साफ-सुथरी क्वालिफिकेशन कैटेगरी – अब अप्रेंटिस को उनकी शैक्षणिक योग्यता के आधार पर बांटा गया है: 12वीं पास, सर्टिफिकेट होल्डर, डिप्लोमा/टेक्नीशियन अप्रेंटिस, ग्रेजुएट/डिग्री, अप्रेंटिस। हर श्रेणी के लिए फिक्स स्टाइपेंड होगा, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी।

3. महंगाई से लिंक – पहली बार स्टाइपेंड को महंगाई दर (CPI) से जोड़ा गया है। इसका मतलब है कि हर दो साल में भुगतान महंगाई के अनुसार बढ़ेगा।

4. वर्चुअल अप्रेंटिसशिप– अब ऑनलाइन/रिमोट अप्रेंटिसशिप भी संभव होगी, ताकि दूर-दराज़ या विशेष परिस्थितियों वाले छात्र भी शामिल हो सकें।

अन्य अहम बातें

  • ये बदलाव 38वीं सेंट्रल अप्रेंटिसशिप काउंसिल की बैठक में कौशल विकास मंत्री जयंत चौधरी की अध्यक्षता में पास किए गए।
  • नोटिफिकेशन में यह भी कहा गया है कि दो अप्रेंटिसशिप के बीच कम से कम 1 साल का अंतराल होना चाहिए (अगर पहली ट्रेनिंग पूरी हुई हो)।
  • लेकिन अगर ट्रेनिंग बीच में ही फेल होने की वजह से खत्म हो जाए, तो नया अप्रेंटिसशिप तुरंत किया जा सकता है।
  •  यह संशोधन युवाओं को आकर्षक अवसर देगा और कंपनियों को प्रशिक्षित व स्किल्ड वर्कफोर्स बनाने में मदद करेगा।